बेनीपुर, अप्र : हावीभौआड़ गांव में आयोजित श्रीराम महायज्ञ में प्रवचन करते हुए साध्वी राखी भारती ने बुधवार को कहा कि बाल्यावस्था में दिए संस्कार जीवन की अंतिम अवस्था तक फलदाई होते हैं। उन्हीं संस्कारों पर व्यक्तित्व निर्भर रहता है। साध्वी ने कहा कि बालक के जीवन में संस्कार का प्रथम संचार माता करती है। इसलिए मां बालक की पहली गुरु मानी जाती है। उन्होंने धर्म की व्याख्या करते हुए कहा कि धर्म की स्थापना और अधर्म का हनन करने के लिए प्रभु ने दशरथ जी के घर में अवतार लिया था। परमात्मा के अवतार से सभी आनंदित हुए थे। उन्होंने कहा कि प्रभु राम साक्षात धर्म का विग्रह हैं। राम का नाम लेने से सभी दुखों का अंत हो जाता है। प्रतिदिन राम नाम जपने की सलाह उन्होंने श्रद्धालुओं को दी। प्रवचन के दौरान साध्वी के सुमधुर भजनों में श्रद्धालु गोता लगाते रहे। पंडाल खचाखच भरा था।
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